Difference Between IPPB And POSA: ₹20 से शुरू करें सेविंग्स या जीरो बैलेंस पर खाता खोलें? IPPB और POSA का सच जानिए यहां!

भारतीय डाक विभाग ने वर्षों से देश की वित्तीय सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB), दोनों ही सेवाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को बचत और बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करती हैं।

हालांकि, इन दोनों सेवाओं के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं जिन्हें समझना आवश्यक है। यह लेख आपको IPPB और POSA के बीच के अंतर को सरल और विस्तृत तरीके से समझाने का प्रयास करेगा।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA) का परिचय

पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट (POSA) भारत में सबसे पुरानी और विश्वसनीय बचत योजनाओं में से एक है, जो न्यूनतम जमा राशि के साथ बचत की सुविधा प्रदान करता है। यह योजना मुख्यतः उन लोगों के लिए है जो अपनी बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं।

दूसरी ओर, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) 2018 में शुरू किया गया एक आधुनिक डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को बढ़ावा देना और वित्तीय समावेशन को सशक्त बनाना है। IPPB के माध्यम से खाताधारक मोबाइल बैंकिंग, क्यूआर कोड भुगतान, और डोरस्टेप बैंकिंग जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

IPPB और POSA का तुलनात्मक अवलोकन

विशेषताIPPBPOSA
खाता खोलने की न्यूनतम राशिशून्य बैलेंस₹20 (बिना चेक सुविधा) / ₹500 (चेक सुविधा)
ब्याज दर2.75% प्रति वर्ष4% प्रति वर्ष
अधिकतम बैलेंस सीमा₹1 लाखकोई सीमा नहीं
डोरस्टेप बैंकिंग सेवाउपलब्धउपलब्ध नहीं
खाता प्रकारतीन प्रकार: रेगुलर, डिजिटल, बेसिककेवल एक प्रकार
मिनिमम बैलेंस आवश्यकतानहीं₹50 (बिना चेक सुविधा) / ₹500 (चेक सुविधा)
डिजिटल भुगतान सुविधाएंक्यूआर कोड, UPI, IMPS, NEFTउपलब्ध नहीं

IPPB की विशेषताएं

  1. शून्य बैलेंस खाता: IPPB में खाता खोलने के लिए किसी न्यूनतम राशि की आवश्यकता नहीं होती।
  2. डिजिटल बैंकिंग: IPPB खाताधारकों को मोबाइल ऐप, क्यूआर कोड भुगतान, और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।
  3. अधिकतम बैलेंस सीमा: IPPB अकाउंट में अधिकतम ₹1 लाख तक जमा किया जा सकता है। इससे अधिक राशि अपने आप POSA खाते में ट्रांसफर हो जाती है।
  4. डोरस्टेप बैंकिंग: IPPB ग्रामीण क्षेत्रों में डाकियों के माध्यम से घर-घर बैंकिंग सेवा प्रदान करता है।
  5. कम ब्याज दर: IPPB पर 2.75% वार्षिक ब्याज मिलता है, जो POSA की तुलना में कम है।

POSA की विशेषताएं

  1. लंबे समय से स्थापित योजना: POSA भारत की सबसे पुरानी बचत योजनाओं में से एक है।
  2. उच्च ब्याज दर: POSA खातों पर 4% वार्षिक ब्याज मिलता है।
  3. कोई अधिकतम सीमा नहीं: POSA खाते में जमा राशि पर कोई ऊपरी सीमा नहीं होती।
  4. मिनिमम बैलेंस आवश्यकता: बिना चेक सुविधा वाले खातों के लिए ₹50 और चेक सुविधा वाले खातों के लिए ₹500 का न्यूनतम बैलेंस अनिवार्य है।
  5. सरल खाता प्रबंधन: POSA मुख्यतः ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयुक्त है जो डिजिटल तकनीक का उपयोग नहीं करते।

मुख्य अंतर: IPPB बनाम POSA

1. ब्याज दर

  • IPPB: 2.75% प्रति वर्ष
  • POSA: 4% प्रति वर्ष

2. खाता खोलने की प्रक्रिया

  • IPPB: शून्य बैलेंस खाता
  • POSA: न्यूनतम ₹20 या ₹500 जमा

3. डिजिटल सुविधाएं

  • IPPB: मोबाइल ऐप, क्यूआर कोड, UPI
  • POSA: डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध नहीं

4. डोरस्टेप सेवा

  • IPPB: उपलब्ध
  • POSA: उपलब्ध नहीं

5. अधिकतम जमा सीमा

  • IPPB: ₹1 लाख
  • POSA: कोई सीमा नहीं

कौन सा खाता चुनें?

आपकी आवश्यकताओं के आधार पर सही विकल्प चुनना महत्वपूर्ण है:

  1. यदि आप डिजिटल बैंकिंग और डोरस्टेप सेवा चाहते हैं, तो IPPB आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
  2. यदि आप उच्च ब्याज दर और बिना किसी अधिकतम सीमा के बचत करना चाहते हैं, तो POSA उपयुक्त होगा।

Disclaimer

ऊपर दी गई जानकारी सत्यापित स्रोतों पर आधारित है। दोनों योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग जरूरतों को पूरा करना है। सही खाता चुनने से पहले अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं का विश्लेषण करें।

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